अकाउंट में आए 48 लाख, अलग-अलग आतंकियों को भेजे… ED ने कसा राजू खान पर शिकंजा, कुर्क की संपत्ति
रायपुर में ईडी ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. राजू खान नाम के एक प्रमुख सदस्य की करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है. यह नेटवर्क पाकिस्तान से निर्देशित था और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल हुई है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े एक बड़े टेरर फंडिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में ईडी ने नेटवर्क के एक अहम सदस्य राजू खान की करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है. यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत उठाया गया है, और यह दिखाता है कि भारत की जांच एजेंसियां आतंकी फंडिंग की जड़ों को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की संपत्ति जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जटिल और सुनियोजित आतंकी फंडिंग नेटवर्क की कहानी है जो सालों से देश में सक्रिय था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, राजू खान इस नेटवर्क का एक “महत्वपूर्ण हिस्सा” था. उसके बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि उसे कुल 48.82 लाख रुपये मिले थे. इसमें से 42.47 लाख रुपये कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों को भेजे गए थे. यह सब पाकिस्तान में बैठे खालिद और भारत में उसके साथी धीरज साओ के निर्देशों पर किया गया था. यह राशि, जो लाखों में थी, देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले हुए स्लीपर सेल और ऑपरेटर्स तक पहुंचाई जा रही थी. ताकि वे अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकें।