मुख्यमंत्री साहब! दुर्ग जिला अस्पताल के भरोसे चल रहे जिले के दो बच्चों के निजीअस्पताल, कलर्स और यशोदानंद का ब्रोकर कौन?

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भिलाई दुर्ग (जनमत)। दुर्ग जिला में इन दिनों प्राइवेट हॉस्पिटलों को लाभ पहुंचाने सरकारी अस्पतालों के दलाल मरीजों को निःशुल्क ओर आयुष्मान के नाम पर जिले के दो अस्पतालों में बच्चों को ट्रांसफर करने और मोटा कमीशन के लालच में भर्ती किया जा रहा है , 

सूत्र बताते है कि जिला अस्पताल में बैठे एक डॉक्टर समित प्रसाद नामक डॉक्टर के द्वारा निजी अस्पतालों में बच्चों को भेजने और मोटा कमीशन का खेल किया जा रहा है । 

बता दे कि जिला अस्पताल से कलर्स हॉस्पिटल ओर मालवीय चौक यशोदानंद बच्चों के अस्पताल में रेफर किया जा रहा है , मरीज के परिजन ने नाम ना छापने ओर अपनी पहचान गुप्त रखने की बात कहकर हमे न्यूज बताई है कि जिला अस्पताल में बैठे समित प्रसाद नामक डॉक्टर के द्वारा कलर्स हॉस्पिटल में निःशुल्क आयुष्मान से इलाज के नाम पर रेफर किया गया जहां जाने के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा हमसे लगभग 50 हजार रुपए के ऊपर ले लिया गया जबकि आयुष्मान कार्ड के नाम पर हमे भेजा गया था ।

वही यशोदानंद बच्चों के अस्पताल के बाहर एक परिजन ने बताया कि उनका बच्चा गंदा पानी पी लिया है और बच्चे को बेहतर ईलाज के लिए जिला अस्पताल से एक डॉक्टर ने यहां ये कहकर रैफर किया है कि आयुष्मान ओर 30 हजार बस लगेगा लेकिन यह पर आने के बाद 6 दिन में बच्चे के पीछे लगभग एक लाख रुपए हॉस्पिटल के द्वारा ले लिया गया ।

जहां एक तरफ शासन की महती योजना के द्वारा आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक का निशुल्क इलाज की सुविधा दी गई है वही दूसरी तरफ अस्पतालों के कमीशन ओर आयुष्मान के ईलाज के नाम पर इस तरह से मरीजों को लूटा जा रहा है ।

जिला प्रशासन को इस तरह से चल रही धांधली पर कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन सीएमएचओ विभाग में बैठे कुछ अधिकारियों की मेहरबानी से खाना पूर्ति कर दी जा रही है , जिसका परिणाम ये है कि शासन की योजना का किस तरह से पलीता लगाया जा रहा है?

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