भिलाई: बीएसपी में 10 हजार करोड़ की लोहा चोरी बनाम विधायक के ‘सेनापति’ पर कबाड़ संरक्षण के आरोप, क्या है बाचू का इतिहास?
भिलाई/वैशाली नगर: भिलाई की राजनीति में इन दिनों कबाड़ और लोहे के काले कारोबार को लेकर घमासान मचा हुआ है। वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर रोज वीडियो जारी कर भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से 10 हजार करोड़ रुपये के लोहा चोरी होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खुद उनकी ही पार्टी के एक पदाधिकारी और करीबी पर कबाड़ सिंडिकेट को संरक्षण देने के गंभीर आरोप जनता और सूत्रों के हवाले से लग रहे हैं।
चर्चाओं के बाजार में यह सवाल तैर रहा है कि क्या विधायक जी के ही करीबियों का इतिहास छुपाने के लिए कोई बड़ा प्रोपेगेंडा चल रहा है?
विधायक के ‘सेनापति’ भास्कर मुदलियार उर्फ बाचू पर गंभीर आरोप
क्षेत्र में इन दिनों विधायक के बेहद करीबी माने जाने वाले भास्कर मुदलियार (बाचू) को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। सुशासन का दावा करने वाली सरकार में विधायक ने इन्हें वैशाली नगर क्षेत्र का कोषाध्यक्ष (सेनापति) बनाया है, लेकिन इनके अतीत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं:
छोटे कबाड़ से करोड़पति बनने का सफर: सूत्रों का दावा है कि भास्कर मुदलियार पहले कबाड़ियों से छोटे स्तर पर लोहा खरीद-बिक्री का काम करता था। धीरे-धीरे उसने प्लांट के कुछ ठेकेदारों और एजेंसियों के साथ सांठगांठ की। अपनी गाड़ियों को कबाड़ गोदामों में लगवाकर वह कथित तौर पर चोरी के बड़े खेल में हिस्सेदार बन गया।
भिलाई-3 का 250 टन लोहा चोरी कांड: मई महीने में भिलाई-3 क्षेत्र में हुए 250 टन लोहा चोरी मामले में भी बाचू की गाड़ियों के शामिल होने की बात सामने आई थी। आरोप है कि शातिर तरीके से ‘किरायानामा’ (रेंट एग्रीमेंट) पेश कर वह कानूनी कार्रवाई की आंच से बच निकला।
रायपुर का ‘अवैध’ गोदाम और 7 करोड़ का बंगला: कहा जा रहा है कि अहिवारा के एक युवक के साथ मिलकर रायपुर में एक बड़ा कबाड़ गोदाम चलाया जाता था, जहां चोरी के माल की बड़ी खेप खपाई जाती थी। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में बाचू द्वारा लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान मकान बनवाया जा रहा है, जिस पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के भी आरोप लग रहे हैं।
फायरिंग का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: यह बात भी रिकॉर्ड में है कि 25 फरवरी 2023 को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हवाई फायरिंग करने के मामले में दुर्ग के तत्कालीन एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने इनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विधायक रिकेश सेन के दावे: राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान या चुनावी दांव?
दूसरी तरफ, विधायक रिकेश सेन अपने फेसबुक पेज पर लगातार मुखर हैं। उनके मुख्य दावे इस प्रकार हैं:
40 साल से हो रही चोरी: विधायक का दावा है कि बीएसपी से पिछले 40 सालों में करीब 15 लाख टन यानी 10 हजार करोड़ से अधिक का लोहा चोरी हुआ है।
नेताओं को हराने में लगा पैसा: विधायक ने आरोप लगाया है कि कबाड़ और लोहा चोरी से कमाए गए इस काले धन का इस्तेमाल चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों को हराने के लिए किया जाता था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात: उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर इस मामले के दस्तावेज सौंपे हैं और केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
जनता के तीखे सवाल: अब तक शांत क्यों थे जिम्मेदार?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब भिलाई और वैशाली नगर की जनता सोशल मीडिया और चौक-चौराहों पर सीधे सवाल पूछ रही है:
सवाल 1: जब मुंबई की एक कंपनी को 110 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया था, तब तत्कालीन सीएमडी और इस्पात मंत्री कौन थे? किन बड़े राजनेताओं और अधिकारियों के संरक्षण में यह खेल चल रहा था?
सवाल 2: विधायक जी का दावा है कि उनके पास सारे सबूत हैं, तो वे अब तक इस पर पूरी तरह शांत क्यों बैठे थे?
सवाल 3: एक तरफ सूबे की सुशासन सरकार अपराधियों पर नकेल कसने की बात करती है, तो दूसरी तरफ फायरिंग के आरोपी और कबाड़ सिंडिकेट से जुड़े नाम को संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी (कोषाध्यक्ष) किसके इशारे पर दी गई?
