भिलाई 3 (जनमत)। 26 मई की शाम दुर्ग पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई ने भिलाई 3 क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित लोहे के काले कारोबार की परतें खोल दी हैं। पुलिस ने अकलोरडीह के पास संचालित एक गोदाम में छापा मारकर भारी मात्रा में बीएसपी प्लांट का स्क्रैप लदा ट्रक पकड़ा। कार्रवाई के दौरान गोदाम की जांच में सैकड़ों टन कीमती लोहा भी बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे मामले में कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो बीएसपी प्लांट से निकलने वाला यह बहुमूल्य लोहा कबाड़ियों और बड़े लोहा कारोबारियों तक पहुंचाया जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लोहा बीएसपी प्लांट से बाहर कैसे निकल रहा था, जबकि प्लांट की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के जवानों और बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों पर होती है।
बताया जा रहा है कि आरोपी संजय सिंह लंबे समय से बीएसपी से डस्ट निकालने का काम कर रहा था। आरोप है कि इसी आड़ में ट्रकों के जरिए प्लांट से कीमती लोहे की चोरी कर करोड़ों का अवैध कारोबार किया जा रहा था। अब सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या इस पूरे खेल की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं थी या फिर संरक्षण के दम पर यह कारोबार चलता रहा।
सूत्रों की माने तो इस पूरे चोरी के लोहे खेल में राजनीतिक पहुंच रखने वाले और वैशाली नगर के विधायक के एक करीबी नेता भी इस धंधे में हिस्सेदार है , इस पूरे कारोबार को एक उद्योगपति भी बड़े स्तर पर पर्दे के पीछे से कर रहे है जल्द ही नाम भी सामने आने की संभावना हैं जिसके बाद इस अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क का पर्दा फांस होगा वही बीएसपी प्लांट के अंदर से इतनी सघन तलाशी के बीच कैसे ट्रकों के अंदर से लोहे की चोरी होती है आखिर क्या CISF और बीएसपी के अधिकारी भी इसमें संलिप्त तो नहीं
क्षेत्र में चर्चा है कि भिलाई 3 पुलिस का मुखबिर तंत्र आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार से अनजान कैसे रहा। लोगों का कहना है कि बिना संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर चोरी के लोहे का कारोबार संभव नहीं हो सकता।
फिलहाल CSP की कार्रवाई के बाद मामले में 4 लोगों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया गया है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में CISF, बीएसपी के कुछ अधिकारी और अन्य जिम्मेदार लोग भी शामिल थे।